पारंपरिक कला और संस्कृति के महत्व को समझने! माटी के गणेश जी बनाने का प्रशिक्षण!

पारंपरिक कला और संस्कृति के महत्व को समझने! माटी के गणेश जी बनाने का प्रशिक्षण!

कुमडी की शासकीय माध्यमिक शाला में छात्र-छात्राओं ने सीखा माटीकला द्वारा मिट्टी के भगवान गणेश

औबेदुल्लागंज कुमडी की शासकीय माध्यमिक शाला में एक अनोखा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ने मिट्टी के गणेश जी बनाने का प्रशिक्षण लिया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्रों को पारंपरिक कला और संस्कृति से जोड़ना और उनकी रचनात्मकता को बढ़ावा देना था।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में लक्ष्मी नारायण प्रजापति ने मास्टर ट्रेनर के रूप में अपनी भूमिका निभाई और छात्रों को मिट्टी के गणेश जी बनाने की कला सिखाई। इस दौरान छात्रों ने बड़े उत्साह और जोश के साथ मिट्टी के गणेश जी बनाए। शाला के शिक्षकों ने भी इस प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से भाग लिया और छात्रों का मार्गदर्शन किया। श्री मुकेश कुमार जैन, श्री मनोज चौहान, श्रीमती प्रेमलता दुबे, श्रीमती रजनी चौहान और श्रीमती छायावाद ने प्रशिक्षण में भाग लिया और मिट्टी के गणेश जी बनाने में छात्रों का सहयोग किया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन से छात्रों को न केवल मिट्टी के गणेश जी बनाने की कला सीखने का अवसर मिला, बल्कि उन्हें पारंपरिक कला और संस्कृति के महत्व को समझने का भी मौका मिला। शाला के प्रबंधन और शिक्षकों को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी ।

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